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ईरान वॉर

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इमेज कैप्शन, खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष फिर से तेज़ हो गया है

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने कहा है कि पिछले दो दिनों में एक अमेरिकी युद्धपोत को दो बार निशाना बनाए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच तेल टैंकरों पर हमला किया.

सेंटकॉम के मुताबिक़, इनमें से चार ईरानी तेल टैंकरों का संबंध ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कोर (आईआरजीसी) से था और जो ओमान की खाड़ी में थे. एक अन्य टैंकर को खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया.

खार्ग ईरान के तट से दूर स्थित एक प्रमुख तेल निर्यात केंद्र है.

इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइलें दागीं. हालांकि, जॉर्डन ने बाद में कहा कि उसके एयर डिफ़ेंस सिस्टम ने ईरान की दागी 20 मिसाइलों में से 18 को मार गिराया.

दोनों देशों के बीच पिछले एक हफ़्ते में एक-दूसरे पर हमले तेज़ हुए हैं. यह संघर्ष 28 फ़रवरी को अमेरिका और इसराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के छह महीने बाद भी बना हुआ है.

दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव से एशियाई बाज़ारों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेल की कीमतें बढ़ गईं.

बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.5% बढ़कर 99.41 डॉलर प्रति बैरल हो गई. वहीं, अमेरिका में कारोबार किए जाने वाले तेल की कीमत 1.6% बढ़कर 94.55 डॉलर प्रति बैरल हो गई.

इस बीच ईरान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर मौजूद अमेरिकी जहाज़ों के ख़िलाफ़ और हमले करने की चेतावनी दी है.

आईआरजीसी की नौसेना कमान ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों के पास मौजूद उन सभी तेल टैंकरों के क्रू को चेतावनी दी, जिनका संबंध अमेरिका से है.

उसने कहा कि वे “तुरंत अपने जहाज़ छोड़ दें, चाहे वे बंदरगाह पर खड़े हों या लंगर डाले हों, क्योंकि उन्हें निशाना बनाया जाएगा.”

जॉर्डन के सशस्त्र बलों के एक आधिकारिक प्रवक्ता ने कहा कि ईरान की ओर से जॉर्डन की तरफ़ दागी गई दो मिसाइलें आबादी वाले इलाक़े से दूर गिरीं.



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