नितिन नवीन की नई टीम का ऐलान, बीजेपी ने संगठन में बदलाव कर दिए 5 बड़े सियासी संदेश – nitin nabin bjp new team announcement key takeaways 5 political messages ntcpkb
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की नई केंद्रीय टीम का आखिरकार सोमवार को ऐलान हो गया है. इस नई कार्यकारिणी के ज़रिए पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और वरिष्ठ रणनीतिकार राम माधव की बीजेपी संगठन में आधिकारिक वापसी हुई है. बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 8 राष्ट्रीय महामंत्री और 16 राष्ट्रीय मंत्री (सचिव) बनाए गए हैं. इसके अलावा सभी मोर्चों के अध्यक्षों की भी घोषणा कर दी गई है.
नितिन नवीन की इस टीम में महिलाओं और युवा चेहरों को विशेष प्राथमिकता दी गई है. नई टीम के माध्यम से बीजेपी ने भविष्य के राजनीतिक रोडमैप का खाका खींचा है. इसके साथ ही, संगठन में नई लीडरशिप तैयार करने के उद्देश्य से युवाओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं.
बीजेपी ने इस संगठनात्मक बदलाव के ज़रिए आगामी चुनावी राज्यों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है, जिसमें उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब और उत्तराखंड जैसे राज्यों को प्रमुखता मिली है. इस फेरबदल में अरुण कुमार की संगठन से छुट्टी कर दी गई है, जबकि अन्य दलों से बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को भी संगठन में स्थान दिया गया है. इस प्रकार, नितिन नवीन की इस टीम के ज़रिए बीजेपी ने पांच बड़े राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया है.
स्मृति ईरानी और राम माधव का वनवास खत्म
बीजेपी के अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा घोषित कार्यकारिणी में स्मृति ईरानी और राम माधव की वापसी से उनका सियासी समाप्त हो गया है. स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया है, जबकि राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
मोदी सरकार में मंत्री रह चुकीं स्मृति ईरानी को संगठन में वापस लाकर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश में आगामी राजनीतिक चुनौतियों से निपटने का बड़ा संदेश दिया है. राज्य के सियासी समीकरणों को साधने और संगठन को मजबूती देने में उनके अनुभव का उपयोग किया जाएगा.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और बीजेपी के बीच लंबे समय तक समन्वय की भूमिका निभा चुके राम माधव की भी केंद्रीय टीम में वापसी हुई है. जम्मू-कश्मीर और पूर्वोत्तर राज्यों में बीजेपी का आधार मजबूत करने में अहम भूमिका निभाने वाले राम माधव को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने अपनी वैचारिक और रणनीतिक क्षमता को सुदृढ़ करने का संकेत दिया है.
बीजेपी की नई टीम युवाओं को मिली तवज्जो
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन खुद 46 वर्ष के हैं, इसलिए उन्होंने अपनी नई केंद्रीय टीम में युवा चेहरों को खास अहमियत देने का काम किया है. 40 से कम उम्र के 6 सदस्य, 40 से 49 की उम्र के 15 सदस्य और 50 से 59 के 21 सदस्य को राष्ट्रीय टीम में स्थान दिया गया है.
पार्टी संगठन में अधिकांश पदाधिकारी युवा हैं राष्ट्रीय महामंत्रियों की बात करें, तो विनोद तावड़े को छोड़कर शेष सभी नेताओं की आयु 60 वर्ष से कम है. इनमें सुनील बंसल, बिप्लब कुमार देब, हरीश द्विवेदी और स्मृति ईरानी जैसे प्रमुख चेहरे शामिल हैं
राष्ट्रीय उपाध्यक्षों की सूची में वसुंधरा राजे सिंधिया और प्रो. तारीख मंसूर को छोड़कर अन्य सभी पदाधिकारियों की आयु 65 वर्ष से कम है. इसके अलावा नितिन नवीन की टीम में 16 राष्ट्रीय मंत्री (सचिव) बनाए गए हैं, जिनमें के. सुरेंद्रन, डॉ. एम. वेंकटेशन और डॉ. प्रदीप वर्मा को छोड़कर अन्य सभी नेताओं की आयु 50 वर्ष से कम है.
मोर्चों के राष्ट्रीय अध्यक्षों में भी युवाओं का दबदबा देखने को मिला है. अल्पसंख्यक मोर्चा की कमान कुंवर बासित अली (40 वर्ष) को मिली, तो ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष अमरपाल मौर्य (45 वर्ष) और युवा मोर्चा की बागडोर डॉ. हेमांग जोशी (35 वर्ष) को मिली है. बीजेपी ने संगठन में युवा नेताओं को प्रमुखता देकर एक बड़ा राजनीतिक और संगठनात्मक संदेश देने का प्रयास किया है.
चुनावी राज्यों पर बीजेपी का खास फोकस
बीजेपी ने चुनावी राज्यों पर फोकस करते हुए नितिन नवीन की टीम का गठन किया है. आगामी विधानसभा चुनावों (खासकर 2027 के चुनाव वाले राज्यों) को ध्यान में रखते हुए उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात और दिल्ली जैसे राज्यों के नेताओं को प्रमुख पदों पर विशेष जगह दी गई है. नितिन टीम में यूपी का खास दबदबा देखा जा रहा है, जिसमें दो उपाध्यक्ष दो राष्ट्रीय महासचिव, दो राष्ट्रीय मंत्री और दो मोर्चे में जगह मिली है.
नई टीम में उत्तर प्रदेश को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं. तारिक मंसूर और रेखा वर्मा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, स्मृति ईरानी और हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महामंत्री, डॉ. भोला सिंह और संगीता यादव को राष्ट्रीय मंत्री बनाया गया है. इसके अलावा अमरपाल मौर्य को ओबीसी मोर्चा और कुंवर बासित अली को अल्पसंख्यक मोर्चे की जिम्मेदारी दी गई है.
उत्तराखंड में तस्वीर कुछ अलग है. नई टीम में पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. साथ ही महेंद्र पांडे को राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री, अनिल बलूनी को मीडिया संयोजक और आलोक भट्ट को सोशल मीडिया सह संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है. पंजाब से तीन नेताओं को संगठन में जगह मिली है. राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सरदार मनप्रीत सिंह बादल बने हैं तो राष्ट्रीय कार्यालय प्रभारी का जिम्मा तरुण चुघ को मिला है.
गुजरात से ताल्लुक रखने वाले चार नेताओं को बीजेपी संगठन में खास अहमियत दी गई है, जिसमें वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, जगदीश ईश्वरभाई पटेल और रोहन गुप्ता को राष्ट्रीय मंत्री और युवा मोर्चे के कमान गुजरात से आने वाले जगदीश ईश्वरभाई पटेल को सौंपी गई है.
आधी आबादी को दिया बड़ा संदेश
नितिन नवीन की नई केंद्रीय कार्यकारिणी में महिला भागीदारी को विशेष प्राथमिकता दी गई है. पार्टी के संविधान के अनुसार संगठन में 33 फीसदी महिला आरक्षण को नई टीम के गठन में पूरी तरह से लागू किया गया है. नितिन नवीन की इस टीम में कुल 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्षों में से 6 महिला हैं. इस तरह यह आंकड़ा 33 फीसदी से भी कहीं ज्यादा और करीब 50 फीसदी का है. इसके अलावा एक महिला नेता के तौर पर स्मृति ईरानी को महामंत्री बनाया गया है. इस तरह से चार महिलाओं को राष्ट्रीय सचिव के तौर पर जगह दी गई है.
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के तौर पर वसुंधरा राजे सिंधिया, डी. पुरंदेश्वरी, रेखा वर्मा और वर्षाबेन नरेंद्रभाई दोशी और भारती प्रवीण पवार को नियुक्त किया गया है. सचिव के तौर पर कविता पाटीदार,एस. फांग्नोन कोन्यक और संगीता यादव को जगह मिली है. महिला मोर्चा की कमान रूप कुमारी चौधरी को सौंपी गई है, जो छत्तीसगढ़ से लोकसभा सांसद हैं.
नितिन नवीन को टीम गठन में मिला फ्री हैंड
बीजेपी की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी के नाम सामने आने के बाद एक बात साफ हो गई है कि नितिन नवीन को अपनी टीम गठन में फ्री हैंड मिला था, जिसके चलते उन्होंने अपने युवा मोर्चा के साथियों को खास तवज्जो दी है. नितिन नवीन जब युवा मोर्चा में थे, उस समय के तमाम नेताओं को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है. डॉ. स्वदेश सिंह को राष्ट्रीय सचिव बनाया गया है, जो उनके करीबी माने जाते हैं. इसी तरह हरीश द्विवेदी भी युवा मोर्चा में रहे हैं.
दो मुस्लिम चेहरों को जगह मिली है, जिसमें तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाए रखा गया है तो अल्पसंख्यक मोर्चे की कमान कुंवर बासिल अली को सौंप दी है. इस तरह बीजेपी ने अल्पसंख्यक समुदाय को भी सियासी संदेश देने की कवायद की है. प्रो तारिक मंसूर पसमांदा मुस्लिम है तो कुंवर बासित अली राजपूत मुस्लिम है. दोनों ही नेता यूपी से हैं और चुनाव के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है.
बीजेपी में संगठन मंत्री की परंपरा है और ये आमतौर पर आरएसएस की पृष्ठभूमि के होते हैं. इनमें कोई बदलाव नहीं किया गया है. अब तक संगठन महामंत्री रहे बीएल संतोष बरकरार हैं. इसके अलावा दो सह-संगठन महामंत्री भी जस के तस बने हुए हैं. इनमें शिवप्रकाश और सौदान सिंह शामिल हैं. शिवप्रकाश भाजपा में आने से पहले आरएसएस में थे और प्रांत एवं क्षेत्र प्रचारक जैसी अहम जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं. वह उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद के रहने वाले हैं.
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