जहां भी देख रहा हूं, वहां देवेंद्र फडणवीस के बैनर, महाराष्ट्र पहुंचते ही CJP चीफ अभिजीत दिपके ने फिजूलखर्ची पर उठाए सवाल – cjp chief abhijeet dipke questions to many devendra fadnavis banner in chhatrapati sambhajinagar for tiranga rally


Abhijeet Dipke Attack: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक और इसके राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दिपके ने तिरंगा यात्रा के पूरे शहर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की होडिंग्स और बैनर लगाए जाने पर सवाल खड़े किए हैं। शुक्रवार को छत्रपति संभाजीनगर पहुंचते हुए दिपके ने वीडियो के साथ हमला बोला। दिपके ने इसे फिजूलखर्जी बताया है।

हाइलाइट्स

  • अभिजीत दिपके का महाराष्ट्र सीएम फडणवीस पर अटैक
  • छत्रपति संभाजीनगर में लगे सीएम के बैनर पर उठाए सवाल
  • इस पैसे को खर्च स्कूलों को अच्छा करने पर हो सकता था: दिपके
CJP Abhijeet Dipke on Maharashtra CM
महाराष्ट्र सीएम के बैनरों पर भड़के अभिजीत दिपके।(फोटोनवभारतटाइम्स.कॉम)
पुणे/छत्रपति संभाजीनगर: कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस को निशाने पर लिया है। शुक्रवार को दिल्ली से लौटकर महाराष्ट्र पहुंचने पर अभिजीत दिपके ने वीडियो साझा करके हमला बोला। दिपके ने लिखा है कि मैं अभी अपने होमटाउन पहुंचा हूं और जहां भी देख रहा हूं, वहां देवेंद्र फडणवीस के बैनर लगे हैं। तिरंगा रैली का स्वागत है, लेकिन क्या सच में हर जगह इतने बड़े-बड़े बैनर लगाने की जरूरत है? दिपके ने वीडियो साझा करके तिरंगा यात्रा के नाम पर हुई फिजूलखर्ची पर सवाल उठाए हैं।

स्कूलों पर खर्च हो सकता था यह पैसा

दिपके ने सवाल उठाया है कि इस पैसे का इस्तेमाल ग्रामीण इलाकों में स्कूलों को बेहतर बनाने में किया जा सकता था। एक तरफ महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में छात्र स्कूल पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों की गुहार लगा रहे हैं, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री ने छत्रपति संभाजीनगर को अपने ही बैनरों से पाट दिया है। गौरतलब को कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के रायगढ़ में स्कूल जानें वाली बेटियों ने खराब सड़क का मुद्दा उठाया था। इसके बाद नासिक से भी ऐसा ही वीडियो सामने आया था।
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औरंगाबाद के रहने वाले हैं दिपके

दिपके की अगुवाई वाली सीजेपी ने सितंबर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। दिपके मूलरूप से छत्रपति संभाजीनगर (पहले औरंगाबाद) के रहने वाले हैं। वह स्वास्थ्य लाभ के बाद दिल्ली के दौरे पर पहुंचे थे। तब दिपके ने जंतर-मंतर पार्ट-2 लांच करने के संकेत दिए थे। दिपके देश में पहले Gen Z प्रोटेस्ट को लीड करने के लिए सुर्खियों में हैं। सोनम वांगचुक के अनशन और दिपके के आंदोलन के बाद ही धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ था। दिपके ने सौरभ दास और आशुतोष रांका को सीजेपी का सह संयोजक बनाया है। कॉकरोच जनता पार्टी ने राजनीति में नहीं उतरने का फैसला किया है।

अचलेंद्र कटियार

लेखक के बारे मेंअचलेंद्र कटियारअचलेंद्र कुमार कटियार नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात में रहकर पश्चिमी राज्यों की हलचल को कवर करते हैं। प्रिंट, डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथ-साथ अध्यापन को मिलाकर उन्हें 17 से अधिक वर्षों का अनुभव है। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों में रिपोर्टर और एडिटर की भूमिका में काम किया है। अचलेंद्र कुमार कटियार ने सितंबर 2022 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था।

पिछले तीन वर्षों में उन्होंने तीन बड़े चुनावों को कवर किया है। इनमें 2022 गुजरात विधानसभा चुनाव, 2024 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और 2024 लोकसभा चुनाव शामिल हैं। गुजरात विधानसभा चुनावों में उन्होंने ‘गुजरात बोले’ के तहत कई ग्राउंड रिपोर्ट्स की थीं।

गुजरात की राजनीतिक हलचल हो या फिर कोई बड़ा घटनाक्रम, उसके तमाम पहलुओं को अचलेंद्र रिपोर्ट करते हैं। गुजरात में अहमदाबाद विमान हादसे को उन्होंने सभी एंगल से कवर किया था। राजनीतिक घटनाक्रमों को वे स्टोरी और वीडियो के जरिए पाठकों तक पहुंचाते हैं।

विशेषज्ञता:
गुजरात समेत पश्चिमी राज्यों की राजनीति पर अच्छी पकड़, अपराध और ब्यूरोक्रेसी की हलचल, शहरों के विकास से जुड़े अपडेट और बड़े आयोजनों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाना।

पत्रकारिता अनुभव:
प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया को मिलाकर 17 से अधिक वर्षों से कार्यरत अचलेंद्र कुमार कटियार ने अप्रैल 2008 में मेरठ से प्रकाशित होने वाले डीएलए न्यूज़पेपर से अपने करियर की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने हिंदुस्तान (कानपुर लोकेशन) में सब-एडिटर के तौर पर काम किया। फिर कानपुर में ही दैनिक जागरण समूह के आई-नेक्ट न्यूज़पेपर में बतौर सब-एडिटर कार्य किया।

मार्च 2011 में उन्होंने दिल्ली का रुख किया और इंडिया न्यूज़ समूह के अख़बार आज समाज को जॉइन किया। यहां विभिन्न डेस्क के साथ-साथ खेल रिपोर्टिंग भी की। अप्रैल 2012 में हिंदुस्तान टाइम्स समूह के अख़बार हिंदुस्तान की युवा टीम का हिस्सा बने। यहां रहते हुए उन्होंने टेक्नोलॉजी, सोशल मीडिया और इंटरनेट की दुनिया से जुड़ी तमाम हलचलों को कवर किया।

2014 में वे हिंदुस्तान के दिल्ली ब्यूरो की रिपोर्टिंग टीम में शामिल हुए। इसके बाद दिल्ली मेट्रो, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और सीपीडब्ल्यूडी (केंद्रीय लोक निर्माण विभाग) से जुड़ी खबरों के साथ-साथ दिल्ली की समस्याओं को कवर किया।

2017 में दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आने वाले गुरुग्राम के ब्यूरो चीफ बने। बतौर चीफ रिपोर्टर उन्होंने हरियाणा की टीम को लीड किया। इस दौरान हरियाणा के 2019 विधानसभा और लोकसभा चुनावों को कवर किया। कई बड़ी रैलियों की रिपोर्टिंग की और कोरोना महामारी के दौरान ग्राउंड ज़ीरो से कवरेज किया।

विश्वविद्यालय में अध्यापन:
2020 में न्यूज़रूम से क्लासरूम की ओर रुख करते हुए उन्होंने गुजरात के वडोदरा स्थित पारूल यूनिवर्सिटी को जॉइन किया। यहां उन्होंने फैकल्टी ऑफ आर्ट्स के मास कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में अध्यापन किया। इस दौरान पत्रकारिता के छात्रों को पाठ्यक्रम के साथ-साथ फील्ड के अनुभवों से भी अवगत कराया।

अगस्त 2021 में उन्होंने मीडिया स्टार्टअप नेशन प्लान न्यूज़ को जॉइन किया। यहां ‘रिमांड’ नाम के टॉक शो के जरिए कई हस्तियों के इंटरव्यू किए।

शिक्षा / पुरस्कार:
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले अचलेंद्र कटियार ने छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJM University), कानपुर के डीएवी कॉलेज से पीजी किया है। इसके बाद दिल्ली स्थित जामिया मिलिया इस्लामिया से मीडिया की पढ़ाई की।

अच्छे काम के लिए अचलेंद्र कटियार को कई इन-हाउस और बाहरी संस्थाओं से पुरस्कार मिल चुके हैं। हरियाणा में काम के दौरान उन्हें ‘गुरुग्राम अचीवर्स अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया था।और पढ़ें