रूसी सेना में शामिल 51 भारतीयों की मौत, 139 को किया डिस्चार्ज, विदेश मंत्रालय का आया जवाब – total 51 indians serving in the russian army have died 139 have been discharged mea responds
रूस से एक बुरी खबर सामने आ रही है, बताया जा रहा है कि रूसी सेना में सेवा दे रहे 227 भारतीय नागरिकों में से 51 की मौत हो गई है और 139 को डिस्चार्ज कर दिया गया है। इस मामले में विदेश मंत्रालय का जवाब भी सामने आया है। बाकी फंसे भारतीय नागरिकों को वापस लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
विदेश सचिव विक्रम मिस्री जानकारी देते हुए
नई दिल्ली: विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने एक दुखद खबर देते हुए सोमवार को बताया कि रूसी सेना में भर्ती किए गए 227 भारतीय नागरिकों में से 51 की मौत हो गई है और 139 को सेवा से मुक्त कर दिया गया है। जो भारतीय अभी भी रूसी सेना में सेवा दे रहे हैं, उन्हें वापस लाने के लिए भारत मॉस्को के साथ बातचीत कर रहा है। मिसरी ने यह जानकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की किर्गिस्तान यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय की ब्रीफिंग के दौरान रूसी सेना में भारतीयों की सेवा से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए दी।
भारत रूस के साथ लगातार बात कर रहा है
विक्रम मिस्री ने कहा कि रूसी सेना में भारतीयों की भर्ती का मुद्दा रूस के साथ अलग-अलग मौकों पर और अलग-अलग स्तरों पर उठाया गया है और हम आगे भी संपर्क में बने हुए हैं। मिसरी ने कहा कि आखिरी जानकारी के मुताबिक, हमें 227 ऐसे भारतीय नागरिकों के बारे में पता चला था जिन्हें रूसी सेना में भर्ती किया गया था। इनमें से 139 नागरिकों को सेना से छुट्टी मिल चुकी है और दुख की बात है कि हमें 51 ऐसे लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है जिनकी अब तक मौत हो चुकी है।
भारतीय दूतावास मॉस्को में लगातार हालात पर नजर रखे हुए है
उन्होंने कहा कि मॉस्को में भारतीय दूतावास लगातार हालात पर नजर रख रहा है और बाकी भारतीय नागरिकों की रिहाई और उन्हें वापस लाने के लिए रूसी अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि जो लोग अभी भी सेवा में हैं, उन्हें जल्द से जल्द सेवा से मुक्त किया जाए और वे अपने परिवारों के पास लौट सकें।
पुतिन और पीएम मोदी की बैठक के बीच आया बयान
विदेश मंत्रालय का यह बयान तब आया है जब प्रधानमंत्री मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन की बैठक के दौरान मुलाकात की। बैठक में मोदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दुनिया को “कभी न खत्म होने वाले युद्धों” के दौर से निकलकर “युद्ध की समाप्ति” की ओर बढ़ना चाहिए। साथ ही, दोनों नेताओं ने आपसी सहयोग और वैश्विक घटनाक्रमों पर भी चर्चा की।
लेखक के बारे मेंSanjeev Kumarसंजीव कुमार (सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर)
संजीव कुमार वर्तमान में नवभारत टाइम्स में सीनियर डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के पद पर कार्यरत हैं। वे मई 2025 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। पत्रकारिता में ऑनलाइन न्यूज डेस्क पर उन्हें काम करने का 6 साल का अनुभव है। नवभारत टाइम्स में जुड़ने से पहले वह अमर उजाला, वन इंडिया हिंदी और दैनिक जागरण के डिजिटल विंग में सेवा दे चुके हैं। वह वर्तमान में नवभारत टाइम्स में नेशनल और दिल्ली डेस्क से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं। खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं।
विशेषज्ञता
संजीव कुमार खास तौर पर मौसम की खबर, नेशनल और राजनीति की खबर, ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें, एक्सप्लेनर और रिसर्च आधारित खबरें करते हैं। इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं।
पत्रकारिता अनुभव
संजीव कुमार ने पत्रकारिता में स्नातक और मास्टर की डिग्री हासिल करने के बाद अमर उजाला जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता का शुरुआती ज्ञान लिया, यहां उन्होंने हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज, स्पेशल खबरों को यूजर के इंटरेस्ट के अनुसार बनाने के तरीके को बारीकी से समझा। इसके बाद उन्होंने वन इंडिया हिंदी में नेशनल डेस्क पर काम किया। फिर दैनिक जागरण में बिहार-झारखंड की लोकल खबरों पर 1 साल 6 महीने तक काम किया है। इसके बाद नवभारत टाइम्स में पारी की शुरुआत की।
शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से बिहार के बेगूसराय के रहने वाले संजीव कुमार ने वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से बैचेलर इन मीडिया साइंस में स्नातक किया। फिर आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी से मास्टर इन मीडिया बिजनेस मैनेजमेंट की भी डिग्री ली। इसके अलावा उन्होंने मीडिया से संबंधित कई ऑनलाइन कोर्स भी किए हैं।… और पढ़ें
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