PF Claim Settlement: EPFO ने एक कर्मचारी का पीएफ क्लेम सेटल करने में 35 दिन का ज्यादा समय लगा दिया। इस मामले में कंज्यूमर कोर्ट ने EPFO को आदेश दिया है कि वह ग्राहक को क्लेम में 14 लाख रुपये पर 6% ब्याज का भुगतान करे।

consumer commission and epfo
कंज्यूमर कोर्ट ने लगाया ईपीएफओ पर जुर्माना।
नई दिल्ली: मुंबई कंज्यूमर कमीशन ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने 14 लाख रुपये से ज्यादा के पीएफ क्लेम को तय समय में निपटाने में 35 दिन की देरी के मामले में ईपीएफओ को रिटायर्ड कर्मचारी को 6% सालाना ब्याज देने का आदेश दिया है।

बेसिन की एक शिपिंग कंपनी ‘फ्लीट मैरीटाइम सर्विसेज’ के पूर्व कर्मचारी ने आयोग में याचिका दायर की थी। उन्होंने बताया कि उन्होंने 19 अक्टूबर 2016 को अपने पीएफ क्लेम का आवेदन दिया था। नियम के अनुसार, ईपीएफओ को 20 दिनों के भीतर दावे का निपटारा करना होता है, लेकिन संस्थान ऐसा करने में विफल रहा।

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EPFO ने क्या दलील दी?

EPFO ने अपनी सफाई में कहा कि कर्मचारी ने शुरुआती आवेदन के साथ आवश्यक संयुक्त घोषणा पत्र (Joint Declaration) संलग्न नहीं किया था। इसलिए, 7 नवंबर 2016 को उनका फॉर्म लौटा दिया गया था। संपूर्ण दस्तावेज 2 दिसंबर 2016 को मिले थे, जिसके बाद 14 दिसंबर 2016 को 20 दिनों की तय समयसीमा के भीतर दावा निपटा दिया गया था।

कमीशन ने EPFO की दलील क्यों नहीं मानी?

  • कंज्यूमर कमीशन ने ईपीएफओ की दलील को खारिज करते हुए कहा कि संगठन यह साबित नहीं कर सका कि 19 अक्टूबर 2016 को जमा किया गया क्लेम अधूरा था।
  • आयोग ने खास तौर पर इस बात पर गौर किया कि ईपीएफओ ने कोई लिखित अस्वीकृति पत्र या दस्तावेजों में कमी की सूचना पेश नहीं की।
  • ऐसे में आयोग ने माना कि ईपीएफओ को तय समय के भीतर क्लेम का निपटारा करना चाहिए था। आयोग के अनुसार, ऐसा नहीं करना ‘सेवा में कमी’ के दायरे में आता है।

35 दिन की देरी पर 6% ब्याज

कमीशन ने EPFO को 14,06,272 रुपये की पीएफ क्लेम राशि पर 35 दिनों की देरी के लिए 6% सालाना की दर से ब्याज देने का आदेश दिया है। ब्याज की अवधि 9 नवंबर 2016 से 13 दिसंबर 2016 तक मानी गई है। EPFO को आयोग के आदेश का पालन करने के लिए 45 दिनों का समय दिया गया है।

क्या है संयुक्त घोषणा पत्र?

संयुक्त घोषणा पत्र एक ऐसा आवेदन है, जिसे कर्मचारी और नियोक्ता मिलकर जमा करते हैं। इसका इस्तेमाल EPF में वास्तविक वेतन के आधार पर योगदान से जुड़ी जानकारी दर्ज कराने के लिए किया जाता है, खासकर तब जब योगदान 15,000 रुपये प्रति माह की वैधानिक वेतन सीमा के बजाय वास्तविक वेतन पर किया जाना हो।

राजेश भारती

लेखक के बारे मेंराजेश भारतीराजेश भारती, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। वह जुलाई 2024 में टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स, डिजिटल विंग से जुड़े। राजेश भारती NBT डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर कार्यरत हैं। वह कमोडिटी मार्केट, शेयर मार्केट, पर्सनल फाइनेंस, क्रिप्टोकरेंसी पर मजबूत पकड़ रखते हैं। 16 साल से अधिक के पत्रकारिता करियर में सिटी रिपोर्टिंग, हेल्थ रिपोर्टिंग, बिजनेस-इन्वेस्टर समिट आदि कवर किए हैं।

राजेश भारती प्रिंट मीडिया और डिजिटल मीडिया में ग्राउंड रिपोर्टिंग के साथ डेस्क पर भी अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते आए हैं। राजेश भारती को प्रिंट मीडिया में काम करने का 12 साल से ज्यादा का अनुभव है। वह न केवल अपनी लेखनी, बल्कि वीडियो के माध्यम से भी नवभारत टाइम्स के चाहने वालों तक पहुंच रखते हैं। सोना-चांदी की कीमतों को लेकर नवभारत टाइम्स के लिए कमोडिटी एक्सपर्ट के रूप में भूमिका निभाते हैं। उनका काम केवल न्यूज ब्रेक या किसी न्यूज को कवर करना ही नहीं, बल्कि रिसर्च के माध्यम से उनमें नई जानकारी देना भी है।

पत्रकारिता अनुभव
राजेश भारती का पत्रकारिता करियर हिंदी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय अखबार दैनिक भास्कर, भोपाल में अगस्त 2009 में शुरू हुआ। भोपाल के बाद वह दैनिक भास्कर में ही उप-संपादक के रूप में इंदौर में दिसंबर 2011 तक रहे। इसके बाद वह इंदौर में ही दिसंबर 2011 से दिसंबर 2013 तक दबंग दुनिया अखबार में इंटरनेशनल डेस्क पर रहे। इंदौर में पत्रकारिता के दौरान राजेश भारती ने साल 2012 में ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के लिए विशेष रिपोर्टिंग की। दिसंबर 2013 से राजेश भारती ने दैनिक भास्कर डिजिटल (DB Digital) के साथ नई पारी शुरू की। बाद में वह फिर से प्रिंट पत्रकारिता में लौटे और औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में लोकमत अखबार से नई पारी शुरू की।

साल 2017 में वह फिर से दैनिक भास्कर (दिल्ली) के साथ जुड़े और वहां सिटी रिपोर्टिंग के साथ डेस्क की भी जिम्मेदारी संभाली। करीब एक साल बाद टाइम्स ग्रुप के साथ शुरुआत की। 2018 में संडे नवभारत टाइम्स का हिस्सा बने। वहां पर्सनल फाइनेंस, इनकम टैक्स, हेल्थ, टेक एंड गैजेट्स, एजुकेशन आदि विषयों पर रिसर्च बेस्ड स्टोरी कीं। इस दौरान देश के कई बड़े-बड़े एक्सपर्ट से बातें कीं और उनके व्यू स्टोरी में रखे, जिससे स्टोरी में नयापन आया। अब वह जुलाई 2024 से नवभारत टाइम्स, डिजिटल का हिस्सा हैं।

राजेश भारती ने एनआरईसी कॉलेज (चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी), खुर्जा से साइंस (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स) से ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा किया।

अवॉर्ड/अचीवमेंट्स
बेस्ट रिपोर्टिंग अवॉर्ड: साल 2012 में ‘मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट’ के लिए।और पढ़ें