पश्चिम बंगाल की राजनीति से बड़ी खबर है. बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले ‘बाबरी मस्जिद’ बनाने की घोषणा करने वाले विधायक हुमायूं कबीर ने चुनावी राजनीति से संन्यास के संकेत दिए हैं. मंगलवार को रेजीनगर उपचुनाव के दौरान पुलिस के साथ तीखी बहस के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया था. 12 घंटे बाद पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया.
तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर आम जनता उन्नयन पार्टी बनाने वाले हुमायूं कबीर बुधवार को मीडिया से रु-बरु हुए. इस दौरान वे रो पड़े.
उन्होंने चुनावी राजनीति छोड़ने का संकेत दिया और दावा किया कि मुर्शिदाबाद जिले की मुस्लिम-बहुल सीट पर BJP जीतेगी.
चुनाव प्रचार के दौरान कई विवादों में रहे कबीर ने यह भी कहा कि जब तक शुभेंदु अधिकारी पद पर रहेंगे, वे विधानसभा नहीं जाएंगे और अपने इस फैसले के लिए नौदा की जनता से माफी भी मांगी.
उन्होंने कहा, “चुनाव की प्रक्रिया पूरी होते ही नौदा में एक बैठक बुलाकर जनता से माफी मांगते हुए मैं अपने 64 साल के जीवन में राजनीति से संन्यास ले लूंगा.”
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अगर नौदा के लोग सहमति देते हैं या अपनी राय रखते हैं, चाहे मैं 1000 लोगों को बुलाऊं या 10,000 को और उनमें से 60% लोग मुझसे कहते हैं कि हां, अगर आपका मन नहीं है तो आप पद छोड़ दें, और मुझे वह अनुमति देते हैं, तो मैं नौदा के विधायक पद से भी इस्तीफा दे दूंगा. मैं आपको यह वचन देता हूं.
हुमायूं कबीर ने अपने आंसू रोकते हुए कहा, “अगर शुभेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री बने रहते हैं, तो मैं विधानसभा नहीं जाऊंगा. मैं नौदा के लोगों से माफ़ी मांगूंगा.”
कबीर ने यह भी संकेत दिया कि वह राजनीति से स्वेच्छा से रिटायरमेंट ले सकते हैं; उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यवस्था और उनके साथ किए गए व्यवहार से उनका मोहभंग हो गया है.
AJUP प्रमुख की ये बातें रेजीनगर में ज़बरदस्त वोटिंग के एक दिन बाद सामने आईं, जहां पार्टी ऑफ़िस के बाहर पुलिस के साथ टकराव के बाद उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था. लगभग 12 घंटे हिरासत में रहने के बाद उन्हें रिहा कर दिया गया.
घटनाक्रम के इस नाटकीय मोड़ ने रेजीनगर में पहले से ही सबकी नज़र में बने उपचुनाव में एक और नया मोड़ ला दिया है. यह अल्पसंख्यक-बहुल निर्वाचन क्षेत्र है, जहां कबीर के बेटे गुलाम नबी आज़ाद AJUP उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं.
कबीर ने पिछले विधानसभा चुनाव में नौदा और रेजीनगर दोनों सीटें जीती थीं. नियमों के मुताबिक रेजीनगर सीट छोड़ दी थी, जिसके कारण उपचुनाव कराना पड़ा.
हालांकि मंगलवार को वोटिंग के बाद कबीर की पुलिस से झड़प होने पर यह राजनीतिक मुकाबला जल्द ही व्यक्तिगत टकराव में बदल गया. उन पर गाली-गलौज करने, वोटरों को प्रभावित करने की कोशिश करने और भड़काऊ बातें कहने का आरोप लगा. इसके बाद पार्टी ऑफिस के बाहर हुई झड़प के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया.
यह गिरफ्तारी वोटिंग वाले दिन की सबसे नाटकीय घटना बन गई, जबकि इन दोनों सीटों पर वोटिंग का प्रतिशत काफी अच्छा रहा था.
बुधवार को कबीर का रूप एक दिन पहले पार्टी ऑफिस के बाहर दिखे आक्रामक नेता से बिल्कुल अलग था.
आंखों में आंसू लिए पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि रेजीनगर में चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष नहीं थी.
कबीर ने दावा किया कि “बीजेपी रेजीनगर जीतेगी” और इस नतीजे के लिए वोटिंग के दौरान प्रशासन की भूमिका को जिम्मेदार ठहराया. यहां वोटों की गिनती 9 अक्टूबर को होनी है.
बाबरी मस्जिद बनाने का प्लान
तब TMC के नेता रहे हुमायूं कबीर ने दिसंबर 2025 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में अयोध्या की बाबरी मस्जिद के मॉडल पर एक नई मस्जिद बनाने की घोषणा की थी. 6 दिसंबर 2025 को उन्होंने इसकी नींव रखी थी.
इसके बाद TMC ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया. कबीर ने अपनी नई पार्टी आम जनता उन्नयन पार्टी बना ली. फरवरी 2026 में निर्माण कार्य औपचारिक रूप से शुरू हुआ. उन्होंने दावा किया कि यह प्रोजेक्ट करीब 300 करोड़ रुपये का होगा, जिसमें मस्जिद के अलावा इस्लामिक अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, पार्क आदि भी शामिल होंगे.
हुमायूं कबीर नौदा और रेजीनगर सीट से चुनाव लड़े थे और दोनों सीटों से जीते थे.
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