टैबलेट, मेडिकल इंश्योरेंस और… एडवोकेट्स को सीएम योगी की 3 बड़ी सौगात – yogi adityanath announces multilevel parking tablets cashless insurance for lawyers in prayagraj ntcpvp


उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रयागराज में वकीलों के लिए तीन बड़े फैसलों का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में करीब 10 हजार वकीलों के लिए मल्टीलेवल पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी.

इसके अलावा 400 राज्य विधि अधिकारियों को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए जाएंगे. वहीं प्रदेश के सभी वकीलों को 5 लाख रुपये तक के कैशलेस मेडिकल इंश्योरेंस की सुविधा देने की भी घोषणा की गई है.

सीएम योगी ने प्रयागराज की न्यायिक और ऐतिहासिक विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि इस धरती ने भारत की संवैधानिक चेतना और विधिक विमर्श को हमेशा महत्वपूर्ण दिशा दी है. यहां से अनेक न्यायविद और जननेता निकले, जिन्होंने देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक विकास में अहम भूमिका निभाई.

स्वतंत्रता आंदोलन में वकीलों की भूमिका का किया जिक्र

मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता आंदोलन में अधिवक्ताओं के योगदान को याद करते हुए कहा कि भारत की आजादी का आंदोलन तब तक बिखरा हुआ था, जब तक दक्षिण अफ्रीका में अपनी प्रैक्टिस छोड़कर महात्मा गांधी ने आंदोलन की कमान अपने हाथों में नहीं ली.

उन्होंने कहा कि प्रयागराज की धरती ऐसे अनेक अधिवक्ताओं की गवाह रही है, जिन्होंने वकालत करने के साथ स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. सीएम योगी ने इस दौरान पंडित मोतीलाल नेहरू और महामना मदन मोहन मालवीय का जिक्र किया. इसके साथ ही उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल और डॉ. भीमराव आंबेडकर के योगदान को भी याद किया.

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के लोकतंत्र के तीन महत्वपूर्ण स्तंभ हैं और इनके बीच बेहतर तालमेल से ही लोकतंत्र मजबूत होता है. विधि का शासन स्थापित करने और सुशासन के लक्ष्यों को हासिल करने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है. उन्होंने बार और बेंच को न्याय रूपी रथ के महत्वपूर्ण अंग बताया.

‘2017 से पहले पुलिस में 45-50 फीसदी पद खाली थे’

सीएम योगी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के सामने केवल संसाधनों की चुनौती नहीं थी, बल्कि व्यवस्था के दृष्टिकोण, प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही, कानून-व्यवस्था तथा न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी चुनौतियां भी थीं. उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था की पहली कड़ी पुलिस होती है, लेकिन 2017 से पहले पुलिस बल में 45 से 50 फीसदी तक पद खाली थे. इसके बाद सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया.

सीएम योगी के मुताबिक, उस समय प्रदेश में एक बार में केवल करीब 3 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता थी. इसे बढ़ाकर अब 60 हजार कर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश एक साथ 60 हजार पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने की क्षमता रखता है.

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