Justice Vikram Nath News: लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ में ग्रेजुएशन करने वाले जस्टिस विक्रम नाथ देश के अगले सीजेआई होंगे। जस्टिस नाथ कानून के क्षेत्र में आने वाले अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं। जानिए उनके बारे में सबकुछ।

Justice Vikram Nath set to be next CJI
जस्टिस विक्रम नाथ होंगे भारत के अगले चीफ जस्टिस
नई दिल्ली: जस्टिस विक्रम नाथ भारत के अगले चीफ जस्टिस (CJI) होंगे। लखनऊ यूनिवर्सिटी से लॉ की डिग्री पूरी करने के चार दशक बाद जस्टिस नाथ अगले साल फरवरी में देश के अगले सीजेआई की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि वर्तमान मुख्य न्यायाधीश CJI सूर्यकांत अगले साल फरवरी में रिटायर हो रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत का कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक है। इसके बाद जस्टिस विक्रम नाथ इस जिम्मेदारी को संभाल सकते हैं।

जस्टिस विक्रम नाथ होंगे अगले CJI

2004 में इलाहाबाद हाई कोर्ट में एडिशनल जज बनने से पहले जस्टिस विक्रम नाथ ने वहां 17 साल से ज्यादा समय तक प्रैक्टिस की। 2006 में वे परमानेंट जज बने। बाद में अगस्त 2021 में सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट होने से पहले गुजरात हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर काम किया। 15 अप्रैल 2022 को उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने शिया कॉलेज में अपने स्टूडेंट लाइफ के अनुभव शेयर किए थे। उस समय उन्होंने कहा कि कॉलेज ने मेरी सफलता में अभूतपूर्व योगदान दिया। अगर शिया कॉलेज न होता, तो मैं कुछ भी नहीं होता।

2027 में ही रिटायरमेंट, जानें कब संभालेंगे CJI का पद

31 अगस्त 2021 को जस्टिस विक्रम नाथ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जब उन्हें जज नियुक्त किया गया। वो 2027 में रिटायर हो रहे हैं। इससे पहले ही जस्टिस नाथ भारत के मुख्य न्यायाधीश की जिम्मेदारी संभालेंगे। मौजूदा सीजेआई सूर्यकांत का कार्यकाल 9 फरवरी 2027 तक माना जा रहा है। इसके बाद अगले मुख्य न्यायाधीश का जिम्मा जस्टिस विक्रम नाथ ही संभालेंगे।

सुप्रीम कोर्ट में संभाल चुके हैं ये बड़ी जिम्मेदारियां

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बनने के बाद न्यायिक कामकाज के अलावा, जस्टिस नाथ ने न्याय प्रशासन और कानूनी-सेवाओं के ढांचे में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट लीगल सर्विसेज कमेटी के चेयरमैन के तौर पर काम किया है। भारत के सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के चेयरमैन भी रहे हैं, जहां उन्होंने मई 2025 से भारतीय न्यायपालिका में सूचना और संचार तकनीक के इस्तेमाल की देखरेख की है। 24 नवंबर 2025 को जस्टिस नाथ ने नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NALSA) के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन का पद संभाला। वे मीडिएशन एंड कॉन्सिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी के चेयरमैन भी हैं, जो विवाद सुलझाने के तरीके के तौर पर मध्यस्थता (मीडिएशन) को विकसित और मजबूत करने का काम करती है।

लखनऊ यूनिवर्सिटी से खास कनेक्शन

जस्टिस विक्रम नाथ के अगले सीजेआई की जिम्मेदारी मिलने की खबर के बाद लखनऊ यूनिवर्सिटी का 100 साल पुराना लॉ डिपार्टमेंट चर्चा में आ गया है। विश्वविद्यालय ने 2018 में जस्टिस नाथ को ‘डिस्टिंग्विश्ड एलुमनाई अवॉर्ड’ (विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार) दिया था। जस्टिस विक्रम नाथ ने 1986 में लखनऊ यूनिवर्सिटी के शिया PG कॉलेज से लॉ में ग्रेजुएशन किया, फिर वकील के तौर पर एनरोल हुए।

शुरुआती जीवन और शिक्षा

जस्टिस विक्रम नाथ का जन्म 24 सितंबर 1962 को भारत के उत्तर प्रदेश के कौशांबी में हुआ था। वे वकीलों के परिवार से आते हैं और कानून के क्षेत्र में आने वाली अपने परिवार की चौथी पीढ़ी हैं। उन्होंने 1983 में साइंस स्ट्रीम में ग्रेजुएशन किया। 1986 में लखनऊ विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद, 30 मार्च 1987 को जस्टिस विक्रम नाथ ने उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में अपना रजिस्ट्रेशन कराया और 17 वर्षों से अधिक समय तक इलाहाबाद हाई कोर्ट में वकील के तौर पर प्रैक्टिस की।

न्यायिक करियर पर एक नजर

  • 24 सितंबर 2004 को जस्टिस विक्रम नाथ को इलाहाबाद हाई कोर्ट का अतिरिक्त जज नियुक्त किया गया और 27 फरवरी 2006 को उन्होंने स्थायी जज के रूप में शपथ ली।
  • 15 वर्षों तक सेवा करने के बाद, उन्हें 10 सितंबर 2019 को गुजरात हाई कोर्ट का 26वां मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया।
  • खास बात यह है कि गुजरात हाई कोर्ट में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने अदालती कार्यवाही की लाइव-स्ट्रीमिंग शुरू की।
  • ऐसा करने वाले वो भारत के पहले हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बने। यह न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता और जनता की पहुंच बढ़ाने के लिए तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
रुचिर शुक्ला

लेखक के बारे मेंरुचिर शुक्लारुचिर शुक्ला, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में असिस्टेंट न्यूज एडिटर हैं। फरवरी 2020 से नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े हैं। वह होमपेज टीम के सदस्य हैं। शिफ्ट देखने के साथ न्यूज स्टोरी लिखने और संपादन की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। खबरों के अलग-अलग एंगल से डेवलप करने में माहिर है। करियर की शुरुआत 2011 में न्यूज एजेंसी से की, इस दौरान डेस्क के साथ-साथ रिपोर्टिंग में भी हाथ आजमाया। कई अहम खबरों को ब्रेक किया। राजनीतिक, सामाजिक, क्राइम, पॉजिटिव न्यूज में विशेषज्ञता रखते हैं। न्यूज एजेंसी से शुरुआत के बाद टीवी फिर डिजिटल न्यूज टीम का हिस्सा बने। करीब 13 साल से डिजिटल मीडिया में कार्यरत हैं।

विशेषज्ञता : रुचिर शुक्ला की पॉलिटिकल खबरों में खास रुचि है। ब्रेकिंग पर नजर रहती है। बड़ी खबरों से जुड़ी इनसाइड स्टोरी, एनालिसिस में भी महारत रखते हैं। क्राइम, पॉजिटिव, सक्सेस स्टोरी के साथ ग्लोबल पॉलिटिकल मुद्दों पर भी निगाहें रहती हैं।

पत्रकारिता का अनुभव : रुचिर शुक्ला ने 2011 में News Point न्यूज एजेंसी से करियर की शुरुआत की, जहां डेस्क के साथ रिपोर्टिंग में हाथ आजमाया। इस दौरान बीजेपी और कांग्रेस बीट को कवर किया। कई खबरें ब्रेक की। इस दौरान पंजाब पुलिस से जुड़ी एक डॉक्यूमेंट्री में भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की। 2012 में मैजिक टीवी न्यूज चैनल से जुड़े। 2013 में इंडिया न्यूज के बिहार-झारखंड चैनल से जुड़े। अप्रैल 2014 में अमर उजाला डिजिटल से जुड़े। इस दौरान होम टीम में कई अहम जिम्मेदारी संभाली। करीब ढाई साल तक अमर उजाला डिजिटल में रहने के बाद अगस्त 2016 में वनइंडिया हिंदी से जुड़े। यहां उन्होंने होम टीम और शिफ्ट की जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान यूपी असेंबली इलेक्शन 2017 को लेकर अहम जिम्मेदारी मिली। वनइंडिया हिंदी में रहते हुए लोकसभा चुनाव 2019 कवर किया। जिसमें कई खास विश्लेषण और स्पेशल स्टोरी की। इसके बाद 2011 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी खास रोल निभाया। फरवरी 2020 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़ने के बाद कई अहम जिम्मेदारियों को संभाला। फिलहाल रुचिर होम पेज और शिफ्ट की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। रुचिर शुक्ला ने दिल्ली यूनिवर्सिटी के महाराजा अग्रसेन कॉलेज से हिंदी ऑनर्स में ग्रेजुएशन किया है।… और पढ़ें