विदेश मंत्रालय ने काला सागर में तीन वाणिज्यिक पोतों – अल्फा वतन (टोगो), एमवी एबल (पलाऊ) और अफ्रामैक्स रियो (लाइबेरिया) पर हुए हमलों की निंदा की है। एमवी एबल पर सवार 18 चालक दल के सदस्यों में से सात भारतीय नागरिक थे।
- भारत वैश्विक नाविक कार्यबल का लगभग 12% हिस्सा है, इसलिये भारतीय नाविकों की सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय है।
- परिचय: काला सागर दक्षिण-पूर्व यूरोप में स्थित एक बड़ा अंतर्देशीय सागर है, जिसकी सीमा उत्तर में यूक्रेन, उत्तर-पूर्व में रूस, पूर्व में जॉर्जिया, दक्षिण में तुर्की तथा पश्चिम में बुल्गारिया एवं रोमानिया से लगती है।
- यह बोस्फोरेस स्ट्रेट, सी ऑफ मरमारा और डार्डानेल्स जलडमरूमध्य के माध्यम से भूमध्य सागर से जुड़ता है, जबकि केर्च जलडमरूमध्य इसे अज़ोव सागर से जोड़ता है।
- लगभग 70-150 मीटर से नीचे इसका गहरा पानी काफी हद तक ऑक्सीजन से रहित है और इसमें हाइड्रोजन सल्फाइड मौजूद है, जिससे एक अनूठा समुद्री मृत क्षेत्र निर्मित होता है।
- काला सागर एक प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग के रूप में रणनीतिक और आर्थिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है, जो पेट्रोलियम परिवहन, मत्स्य पालन तथा पर्यटन का समर्थन करता है।
- इसके प्रमुख बंदरगाहों में ओडेसा (यूक्रेन), नोवोरोसिस्क (रूस), बाटुमी (जॉर्जिया), वार्ना (बुल्गारिया) और कोन्स्टेंटा (रोमानिया) शामिल हैं।
- बुखारेस्ट कन्वेंशन (1992) समुद्री प्रदूषण को नियंत्रित करने और काला सागर पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा के लिये एक क्षेत्रीय ढाँचा प्रदान करता है।
















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