SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपने आलोचकों पर निशाना साधा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए CJP की साख को नुकसान पहुंचाने की कोशिशों का जवाब दिया. दीपके ने कहा कि उनके पास आलोचकों को लेकर कहने के लिए बहुत कुछ है, लेकिन इस बहस में पड़ने का कोई फायदा नहीं है.
अभिजीत दीपके ने कहा कि कुछ लोग लगातार CJP की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे पर काफी कुछ कह सकते हैं, लेकिन वह अपनी ऊर्जा इस तरह की बहस में खर्च नहीं करना चाहते. दीपके ने कहा कि उनका ध्यान उन युवाओं और उनके मुद्दों पर रहना ज्यादा जरूरी है, जिनके लिए CJP के जरिए आवाज उठाने का दावा किया जा रहा है.
I have a lot to say about the constant attempts by some to discredit CJP, but honestly, there’s no point. The youth is already frustrated with exactly this kind of bickering among established political parties, where everyone seems more concerned about their own prominence than the people they claim to represent. The formation of CJP was one big accident which ended up giving hope to millions. Fighting for those youth and the issues they face is far more important than wasting our energy fighting with those who have already decided to discredit us, no matter what we do.
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 3, 2026
‘युवा राजनीतिक खींचतान से परेशान’
दीपके ने अपने पोस्ट में स्थापित राजनीतिक दलों पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि युवाओं का एक बड़ा हिस्सा राजनीतिक दलों के बीच चलने वाली आपसी खींचतान से परेशान है. दीपके के मुताबिक राजनीतिक दल जिन लोगों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं, उनकी समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय अपनी राजनीतिक अहमियत बढ़ाने में ज्यादा रुचि लेते हैं. यह दीपके की राजनीतिक राय है और उन्होंने इसे अपने सोशल मीडिया पोस्ट में व्यक्त किया है.
‘CJP का बनना बड़ा इत्तेफाक था’
CJP के गठन को लेकर दीपके ने कहा कि इसका बनना एक बड़ा इत्तेफाक था और इसने लाखों लोगों को उम्मीद दी. उन्होंने कहा कि संगठन को युवाओं और उनके मुद्दों के लिए काम करना चाहिए. दीपके ने यह भी कहा कि उन लोगों से लड़ने में समय और ऊर्जा खर्च करने का कोई मतलब नहीं है, जो पहले ही CJP को बदनाम करने का फैसला कर चुके हैं.
SIR को लेकर CJP का विरोध
CJP पिछले कुछ समय से चुनावी प्रक्रिया और SIR को लेकर विरोध कर रहा है. संगठन ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है. अक्टूबर की शुरुआत में CJP ने मुंबई में भी प्रदर्शन किया था. CJP ने इससे पहले युवाओं से जुड़े बेरोजगारी और शिक्षा जैसे मुद्दों को लेकर भी अभियान चलाने की घोषणा की थी. अगस्त में संगठन ने ‘क्या बोलती पब्लिक’ नाम से राष्ट्रव्यापी अभियान की जानकारी दी थी.















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