मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शनिवार-रविवार दरम्यानी रात शीतला माता मंदिर के बाहर तेज रफ्तार ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचल दिया. इस हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हैं. घटना के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है. ग्वालियर के सिटी एसपी को पद से हटाने का आदेश दिया गया है, जबकि तीन थाना प्रभारियों समेत 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है.
यह हादसा चिनोर रोड पर मंदिर के पास रात करीब 1:30 बजे शीतला माता मंदिर के बाहर हुआ. पुलिस के मुताबिक, तेज रफ्तार ट्रक नो-एंट्री जोन में घुस गया. उसने मंदिर के बाहर मौजूद श्रद्धालुओं को टक्कर मार दी. इसके बाद ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार से जा टकराया. टक्कर इतनी तेज थी कि मंदिर की दीवार भी गिर गई. मलबे में दबने से कई लोग घायल हुए.
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नो-एंट्री जोन में कैसे पहुंचा ट्रक?
हादसा चिनोर रोड पर मंदिर के पास ढलान वाले रास्ते पर हुआ. अधिकारियों के मुताबिक, ट्रक पंजाब नंबर का था. जिस जगह हादसा हुआ, वहां भारी वाहनों के जाने पर रोक थी. इसके बावजूद ट्रक प्रतिबंधित इलाके में पहुंच गया. इसी बात ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. सीएम मोहन यादव ने इंदौर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि हादसा ट्रक के प्रतिबंधित इलाके में घुसने की वजह से हुआ. उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिया है कि घटना की तथ्यों के आधार पर जांच की जाए. प्रशासन को जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा गया है.
हादसे के बाद मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कार्रवाई की जानकारी दी. सिटी एसपी को उनके पद से हटाने का आदेश दिया गया है. इसके अलावा तीन थाना प्रभारी, एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और तीन कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया है. इस तरह कुल 9 पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों पर कार्रवाई हुई है. इनमें एक अधिकारी को पद से हटाया गया है, जबकि 8 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है. सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं. जांच में यह पता लगाया जाएगा कि हादसे के लिए कौन जिम्मेदार है और सुरक्षा में कहां चूक हुई.
इस हादसे में 28 लोग घायल हुए हैं. इनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. अधिकारियों के मुताबिक, घायलों में 7 लोगों की हालत गंभीर है.
मृतकों के परिवारों को 4 लाख रुपये
सीएम मोहन यादव ने हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है. गंभीर रूप से घायल लोगों के इलाज का खर्च भी सरकार उठाएगी. वहीं, मामूली रूप से घायल लोगों को 50-50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी. इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों की सुरक्षा सबसे जरूरी है. भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी. उन्होंने साफ कहा कि लोगों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
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